चौरासी मंदिर, भरमौर: यमराज की कचहरी और 1400 साल पुरानी आस्था का रहस्यमयी केंद्र
हिमाचल प्रदेश को देवी-देवताओं की भूमि कहा जाता है और इसके जनजातीय क्षेत्र भरमौर को विशेष रूप से शिव नगरी के नाम से जाना जाता है। चंबा ज़िले के भरमौर कस्बे के ठीक मध्य में स्थित चौरासी मंदिर (Chaurasi Temple) न केवल एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, बल्कि अपने भीतर अनेक रहस्यमयी मान्यताओं को भी समेटे हुए है। यह मंदिर परिसर लगभग 1400 वर्ष पुराना माना जाता है और पूरे भारत में अपने अनोखे स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है।
चौरासी मंदिर का नाम और संरचना
इस मंदिर परिसर का नाम चौरासी इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ 84 छोटे-बड़े मंदिर स्थित हैं। ये सभी मंदिर एक केन्द्र की परिधि पर शिवलिंगों के रूप में बने हुए हैं। इनके बीच में पारंपरिक उत्तर भारतीय शिखर वास्तुकला शैली में निर्मित सुंदर मणिमहेश मंदिर स्थित है, जो इस परिसर का मुख्य आकर्षण है। चौरासी मंदिर एक विशाल, समतल और खुला मैदान है, जहाँ मंदिरों का समूह अत्यंत मनोहारी और आध्यात्मिक वातावरण प्रस्तुत करता है। इसी शैली में बना भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का मंदिर भी यहाँ दर्शनीय है।