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भरमाणी माता मंदिर (Bharmani Mandir, Bharmour)

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भरमाणी माता मंदिर, भरमौर: मणिमहेश यात्रा से पहले अनिवार्य देवी दर्शन

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर (चंबा जिला) में स्थित भरमाणी माता मंदिर एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली देवी स्थल माना जाता है। यह मंदिर मणिमहेश यात्रा से सीधे जुड़ा हुआ है और मान्यता है कि भरमाणी माता के दर्शन और कुंड स्नान के बिना मणिमहेश यात्रा अधूरी रहती है

भरमाणी माता मंदिर कहाँ स्थित है

भरमाणी माता मंदिर, भरमौर कस्बे से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भरमाणी पर्वत पर, समुद्र तल से लगभग 7000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए भरमौर से पैदल ट्रेक या वाहन मार्ग उपलब्ध है।

मणिमहेश यात्रा और भरमाणी माता का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार:

  • मणिमहेश यात्रा शुरू करने से पहले भरमाणी माता के दर्शन अनिवार्य हैं

  • मंदिर परिसर में स्थित भरमाणी कुंड में स्नान कर श्रद्धालु शुद्धि स्नान करते हैं

  • इसके बाद ही श्रद्धालु मणिमहेश झील की ओर प्रस्थान करते हैं

कहा जाता है कि जो यात्री भरमाणी माता के दर्शन किए बिना मणिमहेश यात्रा करते हैं, उनकी यात्रा पूर्ण फलदायी नहीं मानी जाती।

भरमाणी कुंड का रहस्य

भरमाणी माता मंदिर के पास स्थित भरमाणी कुंड अत्यंत पवित्र माना जाता है।

  • यह कुंड साल भर ठंडे जल से भरा रहता है

  • मान्यता है कि इसमें स्नान करने से पापों का नाश होता है

  • श्रद्धालु यहाँ स्नान कर नए वस्त्र धारण करते हैं

यह कुंड मणिमहेश यात्रा का पहला आध्यात्मिक पड़ाव माना जाता है।

मंदिर की वास्तुकला और वातावरण

भरमाणी माता मंदिर पारंपरिक हिमाचली काष्ठ एवं पत्थर शैली में निर्मित है। चारों ओर देवदार के जंगल, ऊँचे पहाड़ और शांत वातावरण इस स्थान को अत्यंत ध्यान और साधना योग्य बनाते हैं।

यहाँ से भरमौर घाटी का दृश्य अत्यंत मनोहारी दिखाई देता है।

भरमाणी माता से जुड़ी मान्यताएँ

  • भरमाणी माता यात्रियों की रक्षा करती हैं

  • कठिन मौसम और प्राकृतिक बाधाओं से यात्रियों को बचाती हैं

  • स्थानीय लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले माता का स्मरण करते हैं

भरमौर क्षेत्र में भरमाणी माता को कुल देवी के रूप में भी पूजा जाता है।

भरमाणी माता मंदिर का धार्मिक महत्व

रमाणी माता मंदिर, चौरासी मंदिर और मणिमहेश कैलाश — ये तीनों मिलकर भरमौर की त्रिदेव आस्था परंपरा को पूर्ण करते हैं। यह स्थान शिव और शक्ति के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।

भरमाणी माता मंदिर – मुख्य हाइलाइट्स

  • भरमौर से 4 किमी दूर स्थित

  • देवी शक्ति को समर्पित प्राचीन मंदिर

  • भरमाणी कुंड में पवित्र स्नान

  • मणिमहेश यात्रा का अनिवार्य पड़ाव

  • शांत प्राकृतिक वातावरण

FAQ Section

भरमाणी माता मंदिर कहाँ स्थित है?

यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर से लगभग 4 किमी दूर स्थित है।

क्या मणिमहेश यात्रा से पहले भरमाणी माता के दर्शन जरूरी हैं?

हाँ, मान्यता है कि बिना भरमाणी माता के दर्शन मणिमहेश यात्रा अधूरी मानी जाती है।

भरमाणी कुंड का क्या महत्व है?

भरमाणी कुंड में स्नान करने से आत्मिक शुद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है।

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