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मां जलमुखी मंदिर सपरोट

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Jalmukhi Mandir Saport, Kohal Chamba (HP)

मां जलमुखी मंदिर सपरोट – आस्था, चमत्कार और इतिहास की अद्भुत गाथा

हिमाचल प्रदेश की पावन वादियों में, Himachal Pradesh के चंबा क्षेत्र की शिकरीधार घाटी में स्थित सपरोट गांव में विराजमान मां जलमुखी मंदिर श्रद्धा और आस्था का अनूठा केंद्र है। लगभग 400 वर्ष पुरानी दिव्य कथा से जुड़ा यह मंदिर आज भी स्थानीय लोगों की अटूट आस्था का प्रतीक है।

मंदिर की स्थापना की पौराणिक कथा

कहा जाता है कि लगभग 400 वर्ष पहले दुंगा गांव में एक  फता पुहाल रहता था। वह अपनी भेड़-बकरियों को चराने के लिए शिकरीधार की पहाड़ियों पर ले जाया करता था।

एक दिन जब वह अपनी भेड़ों को पास के झरने के किनारे नहला रहा था, तभी अचानक झरने से एक छोटी दिव्य शिला उसके हाथों में आ गिरी। देखने में वह साधारण पत्थर जैसी थी, लेकिन उस पर बनी आकृतियां अलौकिक प्रतीत हो रही थीं। उसने उस शिला को झरने के किनारे रख दिया और अपने काम में लग गया।

Jalmukhi Mandir Saport, Kohal Chamba (HP)

माता का दिव्य संकेत

रात को फता पुहाल को स्वप्न में एक दिव्य कन्या ने दर्शन दिए और कहा—

“तुमने मुझे झरने के किनारे क्यों छोड़ दिया? मुझे पालकी में बैठाकर अपने गांव ले चलो। जहां पालकी भारी हो जाए, वहीं मेरी स्थापना करना।”

अगले दिन उसने गांववालों को यह बात बताई। सभी ने इसे माता का आदेश मानकर विधि-विधान से शिला को पालकी में रखकर यात्रा प्रारंभ की।

 

101 बलि और चमत्कार

जब पालकी आगे बढ़ रही थी, तो एक स्थान पर वह अचानक अत्यंत भारी हो गई। माता के आदेशानुसार वहां बकरियों की बलि दी गई। कहा जाता है कि कुल 101 बलियां दी गईं, फिर भी पालकी इतनी भारी हो गई कि उसे उठाना संभव नहीं रहा।

लोगों ने वहीं विश्राम का निर्णय लिया और अगली सुबह पुनः प्रयास करने का निश्चय किया।

उसी रात फता पुहाल को फिर स्वप्न में माता ने दर्शन दिए और कहा कि वह अपने स्थान पर पहुंच चुकी हैं और मंदिर का निर्माण यहीं किया जाए।

अद्भुत घटना – 100 बकरियों की वापसी

सबसे चमत्कारी घटना तब हुई जब फता पुहाल घर लौटा। उसने देखा कि 101 में से 100 बकरियां अपनी जगह सुरक्षित लौट आई थीं, केवल एक बकरी की कमी थी।

इस घटना को माता की कृपा और दिव्य चमत्कार माना गया। धीरे-धीरे उस स्थान पर एक छोटा मंदिर बना और माता की दिव्य शिला स्थापित कर दी गई।

मेहता परिवार की कथा

समय के साथ माता की महिमा दूर-दूर तक फैल गई। Chamba से एक धनवान मेहता माता के दरबार में आया। उसने पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा और माता की कृपा से उसके घर पुत्र जन्मा।

कृतज्ञता स्वरूप उसने मंदिर में मूर्ति स्थापित करवाई और एक छोटा मंदिर बनवाया।

बाद में समय के साथ मंदिर की स्थिति जर्जर हो गई। वर्षा में छत से पानी टपकने लगा। तब स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर 1990 में एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया।

वर्तमान मंदिर और आस्था

आज सपरोट का मां जलमुखी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं और सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं। स्थानीय मान्यता है कि जो भी सच्चे भाव से यहां आता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।

मंदिर की विशेषताएं

कैसे पहुंचे सपरोट जलमुखी मंदिर?

यह मंदिर Himachal Pradesh के चंबा क्षेत्र की शिकरीधार घाटी में स्थित है। यहां तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। निकटवर्ती क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और शांति से परिपूर्ण है, जो यात्रियों को आध्यात्मिक सुकून प्रदान करता है।

रूट विवरण:

1️⃣ Chamba से Tissa (State Highway)
चंबा से तिस्सा  राज्य राजमार्ग (SH) के माध्यम से यात्रा करें।

2️⃣ Tissa से Gunnu Nala – लगभग 30 किमी
चंबा से गुनु नाला तक लगभग 30 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करें।

3️⃣ Gunnu Nala से Kainthly – लगभग 4 किमी
गुनु नाला से कैन्थली तक लगभग 4 किलोमीटर का मार्ग है।

4️⃣ Kainthly से Behlam (Kohaal Road)
कैन्थली से डिड्डोड़ी (Diddodi) होते हुए कोहाल रोड के माध्यम से डौभी (Doubhi) तक जाएँ। इसके बाद स्थानीय मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

 

निष्कर्ष

मां जलमुखी मंदिर सपरोट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि विश्वास, चमत्कार और सामूहिक आस्था का प्रतीक है।

यहां की दिव्य कथा आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में अटूट विश्वास जगाती है। यदि आप हिमाचल की आध्यात्मिक यात्रा पर निकलें, तो इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करें।

📌 अस्वीकरण (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी स्थानीय मान्यताओं, प्रचलित कथाओं और जनश्रुतियों पर आधारित है। Chamba Himachal Pradesh के सपरोट क्षेत्र में स्थित मां जलमुखी मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा और चमत्कार संबंधी विवरण धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का हिस्सा हैं।    इस सामग्री का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करना है। हम किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या दावे की पुष्टि नहीं करते। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक विषय पर अपने विवेक और स्थानीय स्रोतों के आधार पर निर्णय लें।

1 thought on “मां जलमुखी मंदिर सपरोट”

  1. Greatfull information ll this is not story this is reality of sanatan energy ll
    जय माता दी
    जय श्री राम

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